काश वो थोड़ा रुक जाते

                          😭😭 काश वो थोड़ा रुक जाते 😭😭



काश वो थोड़ा रुक जाते यारों,
हमें भी मौका मिल जाता हाले दिल सुनाने का,
वो पहले ऐसे तो न थे।
यूं मुंह मोड़ कर जाते ना थे,
सिमट जाते थे 
मेरे पास आकर
तरस जाते थे देखने के लिए ,
आज पास आकर ऐसे गुजर जाते है,
जैसे जानते ही नहीं मुझे।

 जो हर पल मेरा इंतजार करते थे।
मेरे लिए अपना कीमती वक्त निकाला करते थे
ना जाने यारों केसे नजर लग गई जमाने की,
आज वो मेरे नाम से भी नफरत करने लगे है।।


तरसते थे जो कभी मिलने के लिए वो आज मेरे साए से भी कतराते हैं,
हम भी वही है, ओर दिल भी  वही है,
ना जाने यारों लोग क्यों बदल जाते है।
😭😭😭😭😭😭😭😭

कैसे खत्म कर दूं यारों उनकी यादों को 
केसे भुला दूं यारों उनकी वह कसमो को
 जिन्होंने कभी मेरे हाथ पर हाथ रख कर कहा था कभी नहीं छोड़ेंगे तुमको यह वादा उसने मुझसे जो किया था ।
उनके जाने के  बाद हालत ऐसी हो गई है
 जैसे कि जिस्म में अब जान नहीं रही। पागल - पागल
सा घूम रहा हूं इन शहर की गलियों में।।


बिना बताए उसने  मुझसे क्यों दूरी कर ली ,
बिछड़ के  उसने तो मोहब्बत ही अधूरी कर ली।
 मेरे मुकद्दर में गम आए  तो क्या हुआ यारों
उसने  अपनी ख्वाहिश   तो पूरी कर ली


सोचा याद ना   करके थोड़ा तड़पाऊं उनको
 किसी और का नाम लेकर जलाऊं उनको,
 पर चोट मुझे ही लगेगी , दर्द मुझे ही होगा
 अ ब यह बताओ किस तरह तड़पाऊ उनको।।

कुछ तो बात होगी यारो उस बेवफा में
 जो मेरा दिल उस पर आ गया था
 वरना मैं तो इतना कमज़र्फ हूं कि
अपने जीने की भी दुआ नहीं करता।

गलती तो मेरी थी जो हर वक्त उनकी यादों में खोया रहा
रातों को ज्यादा पर हालातों पर सोया रहा
उसके आने से पहले उसका जाना तय था यारो
कुछ इस तरह उनकी मोहब्बत में मैं था यारों
गलती तो मेरी थी....
गलती तो मेरी थी यारों जो कभी कोई वादा नहीं मांगा था उससे अपनी हैसियत से ज्यादा नहीं मांगा था उससे
 उसे अपना बनाने की चाहत में दुनिया का जुल्म सहने लगा था
 मैं हर दर पे सर झुकाया हुआ पागल पागल सा रहने लगा था मैं
 गलती तो मेरी थी...
गलती तो मेरी थी कि अब ख्याल कुछ यू आता है कि तुम आई ही क्यों थी
पीठ के पीछे खंजर छुपाए क्यों थी


 यह स्टोरी अगर आपको अच्छी लगी तो प्लीज मुझे कमेंट सेसन में बताइए
मेहसी रहूंगा ऐसी ही इंटरेस्टिंग लव स्टोरी को लेकर
आपका दोस्त अमित सिंह

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